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बुनियादी बातें #1: आज़ादी और लोकतंत्र

हम भारतीयों को अपनी आज़ादी अंग्रेज़ी हुक़ूमत से लड़कर, उन्हें भगाने के बाद मिली। और फ़िर हम लोकतांत्रिक देश बन गए। लेकिन कुछ बातों पर ग़ौर करने की ज़रूरत है।

आज हम सब स्वतंत्रता दिवस मनाते है। और हमारे दिमाग़ में यही बात रहती है कि हमें अंग्रेज़ों से, या गोवा, पाँडिचेरी जैसी जगहों पर दूसरी विदेशी ताक़तों से आज़ादी मिली। लेकिन यह बात सब लोगों के लिए सच नहीं है। क्योंकि देश में कई राजा और उनकी रियासतें भी थी आज़ादी के समय। कुछ राज्य तो काफ़ी बड़े भी थे। उनकी प्रजा राजतंत्र के अंदर थी और राजा भारतीय थे।

1947 में हमें एक और चीज़ मिली जो कि काफ़ी कमाल की थी। वह थी एक लोकतांत्रिक सरकार। हममे से कई लोगों को शायद ये दोनों चीज़े एक ही लगती हैं। हम ये मान लेते हैं कि लोकतंत्र तो आना ही था। लेकिन विदेशियों का जाना और एक लोकतांत्रिक सरकार का आना एक ही बात नहीं है। कम्बोडिया से जब विदेशी गए तो सरकार वापस उनके राजा को सौंप के गए। बर्मा में एक लोकतांत्रिक सरकार बनी लेकिन डेढ़ दशकों के अंदर मिलिट्री डिक्टेटरशिप आ गई। वियतनाम में एक-पार्टी की कम्युनिस्ट डिक्टेटरशिप। यहाँ तक कि भारत से ही टूटे पाकिस्तान में भी लोकतंत्र आता-जाता रहता है। और जैसा कि हमने पहले देखा जो आज भारत है उसके सारे लोग भी विदेशी सरकारों के अधीन नहीं थे। उन्हें लोकतंत्र अपने ही राजाओं को हटा कर मिला। कैनेडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे मुल्कों की बात करें तो नाम के लिए उनके राजा या रानी अभी भी ब्रिटिश राजा या रानी ही होते हैं। लेकिन उनकी सरकार लोकतांत्रिक है। श्रीलंका में अंग्रेज़ निकलने से पहले कई तरह के लोकतांत्रिक बंदोबस्त कर के गए थे। लेकिन उनकी आपस की टकराव में कई बार लोकतंत्र हाथ मलता रह गया।

इसलिए हमें कुछ बातें ध्यान में रखनी चाहिए। पहली यह कि विदेशी शासन का जाना लोकतंत्र के आने की गारण्टी नहीं है। दूसरी यह कि अपना शासन होना और लोकतंत्र होना एक ही बात नहीं है। अपने राजा के अंदर राजतंत्र भी हो सकता है। या सबसे भयावह बात यह है कि अपने ही किसी नेता के अंदर तानाशाही भी।

तो इसलिए हमे सावधान रहने की ज़रूरत है कि कहीं हम अपने लोकतंत्र को घर की मुर्गी दाल बराबर समझ कर उसकी सेहत को नज़रअंदाज़ ना करने लगें। अगर आज हमारे पास लोकतंत्र है तो सिर्फ इसलिए नहीं कि विदेशी चले गए। बल्कि इसलिए भी कि हम अपने अंदर के राजाओ और तानाशाहों को सत्ता से दूर रख पाए।

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